15 Thousand Crore Rupees Looted From Government: सरकार ने लूट लिए 15 करोड़ रुपए, ठगी का यह तरीका जान उड़ जाएंगे आपके होश

15 Thousand Crore Rupees Looted From Government :- दोस्तों आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम आप लोगों को 15 Thousand Crore Rupees Looted From Government के बारे में जानकारी देने वाले हैं।  नोएडा शहर जो कि दिल्ली से सटा हुआ है वहां से एक ऐसा मामला सामने निकलकर आया है। 

15 Thousand Crore Rupees Looted From Government
15 Thousand Crore Rupees Looted From Government

जिसमें आरोपियों ने डुप्लीकेट डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल करके सरकार से करीब 15000 करोड़ रुपए लूट लिए हैं।

लेकिन इस मामले में सबसे खास बात यह है कि आरोपियों ने किसी व्यक्ति को नहीं लूटा है बल्कि सरकार आरोपियों को सरकारी खजाने से ही पैसा देती थी।

यह बहुत ही हैरान करने वाला खबर है। आइए हम लोग आर्टिकल के अंदर 15 Thousand Crore Rupees Looted From Government के बारे में और इनके लूटने के तरीके को जानते हैं –

विजय माल्या और नीरव मोदी को छोड़ा पीछे (15 Thousand Crore Rupees Looted From Government)

आपकी जानकारी के लिए हम आप लोगों को बता दें कि भारत के सबसे बड़े लुटेरे नीरव मोदी और विजय माल्या हैं। इन आरोपियों ने नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे लुटेरे को भी पीछे छोड़ दिया है।

इस मामले को सुनकर आम जनता हैरान रह गई। जब इन आरोपियों को नोएडा के पुलिस ने पकड़ा तो आरोपियों के पास आधार कार्ड,

पैन कार्ड सहित कुछ अन्य डुप्लीकेट डॉक्यूमेंट बरामद हुए। पुलिस ने 15000 करोड रूपए की ठगी में 8 आरोपियों को हिरासत में लिया है। 

अभी तक नीरव मोदी के ऊपर बैंक से 14000 करोड़ रुपए और विजय माल्या पर 9000 करोड रुपए फ्रॉड करने का आरोप लगा है।

पिछले 5 सालों में कुछ आरोपियों ने लगभग 15000 हजार करोड़ रुपए का फ्रॉड किया है। नोएडा के पुलिस ने इस मामले में 8 आरोपियों को हिरासत में लिया है और अभी बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। 

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कैसे किया 15 हज़ार करोड़ का फ्रॉड (15 Thousand Crore Rupees Looted From Government)

नोएडा के इस मामले में शामिल हुए सभी आरोपियों का अपना अलग-अलग काम रहता था। सर्वप्रथम आधार कार्ड, पैन कार्ड जैसे अन्य महत्वपूर्ण डाक्यूमेंट्स को डुप्लीकेट डॉक्यूमेंट में तैयार किया जाता था।

इसको तैयार करने के लिए आउट सोर्स कंपनी या फिर ऑनलाइन वेबसाइट से डाटा लिया जाता था।

इसके बाद झुग्गी और झोपड़ी में रहने वाले गरीब लोगों को कुछ पैसों का लालच देकर के उनके पैन कार्ड और आधार कार्ड जैसे महत्वपूर्ण डाक्यूमेंट्स में अपना फर्जी नंबर जोड़ लिया जाता था।

इसके साथ ही साथ आधार कार्ड के द्वारा एक ही तरह के सैकड़ों हजारों डुप्लीकेट डाक्यूमेंट्स को तैयार कर लिया जाता था।

डुप्लीकेट डॉक्यूमेंट तैयार करने के बाद फर्जी कंपनियों में रजिस्ट्रेशन करना होता था और फिर इसके बाद जीएसटी नंबर लेना पड़ता था। जीएसटी के जरिए जीएसटी रिफंड लेने का काम इस ग्रुप के जरिए किया जाता था।

इस ग्रुप ने करीब 2600 से अधिक कंपनियों में रजिस्ट्रेशन करवा लिया था। पिछले 5 वर्षों में 15000 करोड़ का जीएसटी रिफंड लिया गया। और इस तरह से आरोपियों ने सरकारी राजस्व को आसानी के साथ लूट लिया।

इस मामले में चार्टर्ड अकाउंटेंट भी शामिल है। नोएडा पुलिस द्वारा एक CA को भी आरेस्ट कर लिया गया है।

इसके साथ ही साथ अभी तक पुलिस ने 8 आरोपियों को अपने हिरासत में लिया है बाकी बचे अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

आप लोग इस लूट के बारे में क्या कहना चाहते हैं कमेंट में जरूर बताएं। 

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